अग्रदेव आग्या दई, भक्तन को जस गाऊ।
भवसागर के तरन को, नाहिंन और उपाउ॥
- श्री नाभादास जी
गुरुवर श्री अग्रदेव जी ने यह आज्ञा दी है कि मैं भक्तों का यशोगान करूँ, क्योंकि इस संसार-सागर से पार होने का इससे श्रेष्ठ, सरल उपाय अन्य कोई नहीं है।
भवसागर के तरन को, नाहिंन और उपाउ॥
- श्री नाभादास जी
गुरुवर श्री अग्रदेव जी ने यह आज्ञा दी है कि मैं भक्तों का यशोगान करूँ, क्योंकि इस संसार-सागर से पार होने का इससे श्रेष्ठ, सरल उपाय अन्य कोई नहीं है।

