वृन्दावन सबसौं बड़ो यथा दूध में घीव - श्री चरणदास

वृन्दावन सबसौं बड़ो यथा दूध में घीव - श्री चरणदास

वृन्दावन सबसौं बड़ो, यथा दूध में घीव।
सब धर्मन हरि भक्त ज्यौं, यथा पिंड में जीव॥

- श्री चरणदास

जैसे दूध का सार तत्व घी होता है, वैसे ही समस्त धामों में वृन्दावन परम श्रेष्ठ है। जैसे सम्पूर्ण देह का आधार प्राण है, वैसे ही सब धर्मों का सार, मूल और प्राण स्वरूप तत्त्व हरि-भक्ति ही है।