बरसानो वृषभानु को, लखी साँकरी खोर।
सखिन सहित श्री लाड़िली, निकसत याही ओर॥
- श्री प्रियादास जी, रसिक मोहिनी (22)
वृषभानु जी के बरसाने में एक साँकरी खोर (सँकरी गली) है जहाँ से साखियों सहित श्री लाड़िलीजी (श्री राधा) स्वयं गुज़रती हैं।
सखिन सहित श्री लाड़िली, निकसत याही ओर॥
- श्री प्रियादास जी, रसिक मोहिनी (22)
वृषभानु जी के बरसाने में एक साँकरी खोर (सँकरी गली) है जहाँ से साखियों सहित श्री लाड़िलीजी (श्री राधा) स्वयं गुज़रती हैं।

