प्राण प्रिया प्राणेश्वरी, लाड लड़ी सुकुवांर।
अलक लड़ैती लाड़िली, ललना परम उदार॥
- श्री किशोरी अलि, राधा नामावलि (25)
श्री राधा प्राणों से भी अधिक प्रिय, प्राणों की स्वामिनी, अत्यंत लाड़ली एवं सदा सुकुमार अवस्था वाली हैं। लाड़ली जी ‘अलक लड़ैती’ (लाड़ लड़ाने योग्य) हैं, एवं परम उदारता एवं करुणा की साक्षात मूर्ति हैं ।
अलक लड़ैती लाड़िली, ललना परम उदार॥
- श्री किशोरी अलि, राधा नामावलि (25)
श्री राधा प्राणों से भी अधिक प्रिय, प्राणों की स्वामिनी, अत्यंत लाड़ली एवं सदा सुकुमार अवस्था वाली हैं। लाड़ली जी ‘अलक लड़ैती’ (लाड़ लड़ाने योग्य) हैं, एवं परम उदारता एवं करुणा की साक्षात मूर्ति हैं ।

