उर प्रकाश हो रूप को, नैना झलकै प्रेम।
“रूप माधुरी” प्रिया को, नाम जपो रख नेम॥
- श्री रूप माधुरी, श्री रूप माधुरी जी की वाणी, श्री राधा नाम अंक (21)
यदि कोई “श्री राधा” नाम का सतत जप करने का नियम दृढ़ता से धारण कर ले, तो शीघ्र ही उसके हृदय में श्री राधा का दिव्य रूप प्रकाशित होने लगे और नेत्रों में प्रेम झलकने लगे ।
“रूप माधुरी” प्रिया को, नाम जपो रख नेम॥
- श्री रूप माधुरी, श्री रूप माधुरी जी की वाणी, श्री राधा नाम अंक (21)
यदि कोई “श्री राधा” नाम का सतत जप करने का नियम दृढ़ता से धारण कर ले, तो शीघ्र ही उसके हृदय में श्री राधा का दिव्य रूप प्रकाशित होने लगे और नेत्रों में प्रेम झलकने लगे ।

