श्री वल्लभ वर को छांडि के भजे जो भैरव भूत - गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (59)

श्री वल्लभ वर को छांडि के भजे जो भैरव भूत - गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (59)

श्री वल्लभ वर को छांडि के, भजे जो भैरव भूत ।
अंत फजीती होयगी, ज्यों गणिका को पूत ॥

- गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (59)

जो व्यक्ति भगवान श्री कृष्ण को छोड़कर भैरव-भूत आदि की उपासना करता है, उसका अंत अत्यंत अपमानजनक होता है जैसे किसी गणिका (वेश्या) के बेटे को समाज आदर-सम्मान नहीं देता।