माँगना हो तो माँगो, सेवा श्याम श्यामा।
सेवा हित पुनि माँगो, प्रेम निष्कामा ॥
- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, श्यामा श्याम गीत (55)
यदि कुछ माँगना ही है तो केवल श्यामा-श्याम की सेवा माँगो। उस सेवा के लिए निष्काम प्रेम की याचना करनी चाहिये। इसके अतिरिक्त कोई अन्य इच्छा या याचना हृदय में न आने पाए — यही सच्ची भक्ति का मार्ग है।
सेवा हित पुनि माँगो, प्रेम निष्कामा ॥
- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, श्यामा श्याम गीत (55)
यदि कुछ माँगना ही है तो केवल श्यामा-श्याम की सेवा माँगो। उस सेवा के लिए निष्काम प्रेम की याचना करनी चाहिये। इसके अतिरिक्त कोई अन्य इच्छा या याचना हृदय में न आने पाए — यही सच्ची भक्ति का मार्ग है।

