काहू की मानत न प्रिय, लालन चित्त उदास।
गये सोच ‘संकेतअलि’, श्री ललिता के पास ॥
- श्री संकेत अली, संकेत लता (657)
जब किशोरीजी मान करके बैठीं और किसी के भी मनाने पर नहीं मानीं, तब श्री कृष्ण का मन उदास हो गया। यह सोचते हुए कि — अब मान कैसे समाप्त होगा, अंत में श्री कृष्ण सहायता के लिए श्री ललिता जी के पास गए।
गये सोच ‘संकेतअलि’, श्री ललिता के पास ॥
- श्री संकेत अली, संकेत लता (657)
जब किशोरीजी मान करके बैठीं और किसी के भी मनाने पर नहीं मानीं, तब श्री कृष्ण का मन उदास हो गया। यह सोचते हुए कि — अब मान कैसे समाप्त होगा, अंत में श्री कृष्ण सहायता के लिए श्री ललिता जी के पास गए।

