श्री वृषभान कुमार नित, नाम कुँवर नंदनन्द ।
बूड़े रहत बिहार में, सहचर आनन्द कन्द॥
- श्री वंशी अलि, हृदय सर्वस्व (4)
श्रीवृषभानु-कुमारी श्रीराधा एवं नन्दनन्दन श्रीकृष्ण सदा नित्य-विहार-रस में निमग्न रहते हैं और अपनी सखियों के हृदयों को आनन्दरस में अभिषिक्त करते रहते हैं।
बूड़े रहत बिहार में, सहचर आनन्द कन्द॥
- श्री वंशी अलि, हृदय सर्वस्व (4)
श्रीवृषभानु-कुमारी श्रीराधा एवं नन्दनन्दन श्रीकृष्ण सदा नित्य-विहार-रस में निमग्न रहते हैं और अपनी सखियों के हृदयों को आनन्दरस में अभिषिक्त करते रहते हैं।

