कुंजभवन सर्वेश्वरी, साहिबनी सिरताज ।
आनन्दकन्दनी मृदुल चित्त, सदा गरीबनिवाज ॥
- श्री रूप माधुरी, श्री रूप माधुरी जी की वाणी, श्री राधा नाम अंक (16)
कुंजमहल की स्वामिनी, सबकी अधीश्वरी और साहिबनी, सबमें श्रेष्ठ शिरोमणि श्री राधा हैं। वे आनंद की मूल स्रोत हैं, अत्यन्त कोमल हृदय वाली और सदा दीन-दुखियों पर कृपा करने वाली हैं।
आनन्दकन्दनी मृदुल चित्त, सदा गरीबनिवाज ॥
- श्री रूप माधुरी, श्री रूप माधुरी जी की वाणी, श्री राधा नाम अंक (16)
कुंजमहल की स्वामिनी, सबकी अधीश्वरी और साहिबनी, सबमें श्रेष्ठ शिरोमणि श्री राधा हैं। वे आनंद की मूल स्रोत हैं, अत्यन्त कोमल हृदय वाली और सदा दीन-दुखियों पर कृपा करने वाली हैं।

