देत दीन कूँ दान नित, सदा वृन्दावन वास ।
समता और सीतल मई, भजि लै श्री हरिदास ॥
- श्री ठाकुर दास, श्री ठाकुर दास जी की वाणी, साखी (2)
जो दीन को सहज ही श्री धाम वृन्दावन का वास प्रदान करते हैं, ऐसे स्वामी श्री हरिदास जी महाराज का भजन कर अपने मन को सदा उस परम शीतल, सुखद श्यामा कुंजबिहारी के नित्य-विहार-रस में ही लगाना चाहिए ।
समता और सीतल मई, भजि लै श्री हरिदास ॥
- श्री ठाकुर दास, श्री ठाकुर दास जी की वाणी, साखी (2)
जो दीन को सहज ही श्री धाम वृन्दावन का वास प्रदान करते हैं, ऐसे स्वामी श्री हरिदास जी महाराज का भजन कर अपने मन को सदा उस परम शीतल, सुखद श्यामा कुंजबिहारी के नित्य-विहार-रस में ही लगाना चाहिए ।

