युगल लगन में मन मगन राखहु आठों याम - श्री सरस माधुरी

युगल लगन में मन मगन राखहु आठों याम - श्री सरस माधुरी

युगल लगन में मन मगन, राखहु आठों याम।
‘सरसमाधुरी’ सुरति सों, सुमिरहु श्यामा श्याम ॥

- श्री सरस माधुरी

आठों याम मन को श्री युगल अनुरक्ति में पूर्णतः मग्न रखो। ‘सरसमाधुरी’ कहते हैं—प्रेमपूर्ण स्मृति के साथ सदा श्यामा-श्याम का सुमिरन करो।