गोवर्धने कृता येन प्रीतिः श्री हरिवल्लभे - श्री केशवाचार्य, गोवर्द्धन शतक (90)

गोवर्धने कृता येन प्रीतिः श्री हरिवल्लभे - श्री केशवाचार्य, गोवर्द्धन शतक (90)

गोवर्धने कृता येन प्रीतिः श्री हरिवल्लभे ।
मानुषं जन्ममासाद्य तेन सर्वं शुभं कृतम् ॥

- श्री केशवाचार्य, गोवर्द्धन शतक (90)

जिसने मनुष्य जन्म धारण कर भगवान् श्री कृष्णचन्द्र के प्रियतम श्री गोवर्द्धन में प्रेम किया उसने संसार में सब कुछ शुभ-कार्य सष्पादन कर लिया अर्थात् उस पुरुष का ही जन्म सफल है।