तादत्ते्ऽर्पितवस्तूनि राधासंकेतमन्तरा।
केवलस्य च कृष्णस्य दोषायाराधनं मतम्॥
- श्री वागीश शास्त्री जी, श्रीराधासप्तशती (1.45)
श्रीकृष्ण को अर्पित की गई वस्तुओं को भी वे श्री राधा के संकेत के बिना स्वीकार नहीं करते। श्री राधा के बिना केवल श्रीकृष्ण की आराधना को दोषकारक माना गया है।

