है हरि तें हरिनाम बड़ेरो, ताकों मूढ़ करत कत झेरो॥
प्रगट दरस मुचकुंदहि दीन्हों, ताहू आयुसु भो तप केरो।
सुत-हित नाम अजामिल लीनों, या भव में न कियो फिरि फेरो॥ [1]
पर-अपवाद स्वाद जियो राच्यौ, वृथा करत बकवाद घनेरो।
ताको दसयों अंस ‘गदाधर’, हरि हरि कहत जात कहा तेरो॥ [2]
- श्री गदाधर भट्ट, श्री गदाधर भट्ट जी की वाणी (15)
भगवान हरि से भी बड़ा उनका ‘नाम’ है; हे मूर्ख! तू इस सत्य को स्वीकार करने में संकोच क्यों करता है? इसका प्रमाण देख—मुचकुंद को भगवान ने साक्षात् दर्शन दिए, फिर भी उन्हें आगे तपस्या करने की आज्ञा मिली; अर्थात् दर्शन के बाद भी उन्हें पूर्ण विश्राम नहीं मिला। पापी अजामिल ने केवल अपने पुत्र को पुकारते हुए ‘नारायण’ नाम लिया, और उसी नाम के प्रभाव से विष्णुदूतों ने उसकी रक्षा की। अंततः वह भजन कर जन्म-मरण के चक्र से सदा के लिए मुक्त हो गया। [1]
तू दूसरों की निंदा (पर-अपवाद) के स्वाद में डूबा हुआ है और व्यर्थ की बहुत बकवास करता है। गदाधर जी कहते हैं कि जितना समय तू व्यर्थ की बातों में गँवाता है, उसका 'दसवां हिस्सा' (दसयों अंस) भी यदि 'हरि-हरि' कहने में लगाए, तो तेरा क्या जाता है? (भाव यह है कि थोड़े से प्रयास से ही तेरा कल्याण हो सकता है)। [2]
प्रगट दरस मुचकुंदहि दीन्हों, ताहू आयुसु भो तप केरो।
सुत-हित नाम अजामिल लीनों, या भव में न कियो फिरि फेरो॥ [1]
पर-अपवाद स्वाद जियो राच्यौ, वृथा करत बकवाद घनेरो।
ताको दसयों अंस ‘गदाधर’, हरि हरि कहत जात कहा तेरो॥ [2]
- श्री गदाधर भट्ट, श्री गदाधर भट्ट जी की वाणी (15)
भगवान हरि से भी बड़ा उनका ‘नाम’ है; हे मूर्ख! तू इस सत्य को स्वीकार करने में संकोच क्यों करता है? इसका प्रमाण देख—मुचकुंद को भगवान ने साक्षात् दर्शन दिए, फिर भी उन्हें आगे तपस्या करने की आज्ञा मिली; अर्थात् दर्शन के बाद भी उन्हें पूर्ण विश्राम नहीं मिला। पापी अजामिल ने केवल अपने पुत्र को पुकारते हुए ‘नारायण’ नाम लिया, और उसी नाम के प्रभाव से विष्णुदूतों ने उसकी रक्षा की। अंततः वह भजन कर जन्म-मरण के चक्र से सदा के लिए मुक्त हो गया। [1]
तू दूसरों की निंदा (पर-अपवाद) के स्वाद में डूबा हुआ है और व्यर्थ की बहुत बकवास करता है। गदाधर जी कहते हैं कि जितना समय तू व्यर्थ की बातों में गँवाता है, उसका 'दसवां हिस्सा' (दसयों अंस) भी यदि 'हरि-हरि' कहने में लगाए, तो तेरा क्या जाता है? (भाव यह है कि थोड़े से प्रयास से ही तेरा कल्याण हो सकता है)। [2]

