'अग्र' काम हरिनाम से, संकट होत सहाय ।
कोऊ काहू को नहीं, देखो ठोक बजाय ॥
- श्री अग्रदास जी, अग्रग्रंथावली
श्री अग्रदास जी कहते हैं कि श्रीहरि का नाम ही जीव का सच्चा हितैषी है और नाम-स्मरण ही समस्त प्रकार के संकटों में सहायक सिद्ध होता है। इस संसार में कोई भी वास्तव में किसी का अपना नहीं है—इस सत्य को भली-भाँति जाँच-परख कर स्वयं देख लो।
कोऊ काहू को नहीं, देखो ठोक बजाय ॥
- श्री अग्रदास जी, अग्रग्रंथावली
श्री अग्रदास जी कहते हैं कि श्रीहरि का नाम ही जीव का सच्चा हितैषी है और नाम-स्मरण ही समस्त प्रकार के संकटों में सहायक सिद्ध होता है। इस संसार में कोई भी वास्तव में किसी का अपना नहीं है—इस सत्य को भली-भाँति जाँच-परख कर स्वयं देख लो।

