ललित मोहिनी कुंज में, राजत अद्भुत रूप।
ठाकुर दास अनन्य भजि, श्री स्वामी रस भूप॥
- श्री ठाकुर दास, श्री ठाकुर दास जी की वाणी, साखी (4)
श्रीधाम वृन्दावन के ललित-मोहिनी (रसमय) कुंज में श्री प्रिया-प्रियतम का अद्भुत स्वरूप विराजमान है। उन कुंजों में श्री ठाकुरदास जी रसों के सम्राट श्रीस्वामी (स्वामी हरिदास जी) द्वारा निरूपित नित्य-विहार-रस का अनन्य भाव से भजन करते हैं।
ठाकुर दास अनन्य भजि, श्री स्वामी रस भूप॥
- श्री ठाकुर दास, श्री ठाकुर दास जी की वाणी, साखी (4)
श्रीधाम वृन्दावन के ललित-मोहिनी (रसमय) कुंज में श्री प्रिया-प्रियतम का अद्भुत स्वरूप विराजमान है। उन कुंजों में श्री ठाकुरदास जी रसों के सम्राट श्रीस्वामी (स्वामी हरिदास जी) द्वारा निरूपित नित्य-विहार-रस का अनन्य भाव से भजन करते हैं।

