काजर में कारौछि जिमि जैसे जल बिच मीन - ब्रज के दोहे

काजर में कारौछि जिमि जैसे जल बिच मीन - ब्रज के दोहे

काजर में कारौछि जिमि, जैसे जल बिच मीन।
तैसेहि मो मनुआ रहै, तव पद रस महँ लीन॥

- ब्रज के दोहे

जैसे काजल में उसकी कालिमा रची-बसी रहती है और जैसे मछली सदैव जल के भीतर ही निवास करती है। हे श्री राधा महारानी जू! ठीक उसी प्रकार मेरा यह मन भी निरंतर आपके चरण-कमलों के रस में पूर्णतः लीन बना रहे।