श्रुतय ऊचुः— सर्वाणि राधिकाया - अथर्ववेद, श्रीराधिका तापनीयोपनिषत् (02)

श्रुतय ऊचुः— सर्वाणि राधिकाया - अथर्ववेद, श्रीराधिका तापनीयोपनिषत् (02)

श्रुतय ऊचुः— सर्वाणि राधिकाया दैवतानि सर्वाणि भूतानि राधिकायास्तां नमामः ॥
- अथर्ववेद, श्रीराधिका तापनीयोपनिषत् (2)

श्रुतियों ने कहा — समस्त देवताओं की शक्ति श्रीराधिका से ही हैं। समस्त प्राणी श्रीराधिका से ही अस्तित्व में हैं। उन श्री राधिका को हम प्रणाम करते हैं।