श्रीस्वामी के पद कमल, हृदय धारि सुभ ठाँव।
गौर-श्याम दोउ लाडिले, तिनकौ लाड लडाव॥
- श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धान्त की साखी (394)
ललिता अवतार स्वामी श्री हरिदास जी के चरण-कमलों को हृदय रूपी शुभ स्थान में बड़े ही प्रेम से विराजमान कर गौर और श्यामल वर्ण की आभा से युक्त श्री युगल-सरकार (राधा-कृष्ण) को मनभावने भाव से स्वेच्छापूर्वक लाड़ लड़ाओ।
गौर-श्याम दोउ लाडिले, तिनकौ लाड लडाव॥
- श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धान्त की साखी (394)
ललिता अवतार स्वामी श्री हरिदास जी के चरण-कमलों को हृदय रूपी शुभ स्थान में बड़े ही प्रेम से विराजमान कर गौर और श्यामल वर्ण की आभा से युक्त श्री युगल-सरकार (राधा-कृष्ण) को मनभावने भाव से स्वेच्छापूर्वक लाड़ लड़ाओ।

