तस्मिन्नन्दात्मजः कृष्ण - स्कंद पुराण (2.6.1.21)

तस्मिन्नन्दात्मजः कृष्ण - स्कंद पुराण (2.6.1.21)

तस्मिन्नन्दात्मजः कृष्णः सदानन्दांगविग्रहः।
आत्मारामश्चाप्तकामः प्रेमाक्तैरनुभूयते॥

- स्कंद पुराण (2.6.1.21)

उस व्रजधाम में नंदकुमार श्रीकृष्ण, जिनका श्रीविग्रह नित्य आनंदमय है, जो आत्माराम और आप्तकाम हैं, वे केवल प्रेम में रंगे हुए भक्तों द्वारा ही साक्षात् अनुभव किए जाते हैं।