दीनबन्धु ह्वै दीन की, जो तुम नहिं सुध लेत ।
नाम कियो इमि प्रगट किमि, दीनबन्धु केहि हेत॥
- ब्रज के दोहे
हे श्री कृष्ण ! यदि आप दीनबन्धु होकर भी मुझ दीन की सुधि नहीं लेते तो आपने अपना नाम दीनबन्धु क्यों प्रसिद्ध करा रखा है ? या तो आप अपने को दीनबन्धु कहलाना छोड़ दीजिए या मेरा उद्धार कर दीजिए!
नाम कियो इमि प्रगट किमि, दीनबन्धु केहि हेत॥
- ब्रज के दोहे
हे श्री कृष्ण ! यदि आप दीनबन्धु होकर भी मुझ दीन की सुधि नहीं लेते तो आपने अपना नाम दीनबन्धु क्यों प्रसिद्ध करा रखा है ? या तो आप अपने को दीनबन्धु कहलाना छोड़ दीजिए या मेरा उद्धार कर दीजिए!

