समता वृन्दाविपिन की, कहिये लहिये कास।
परन मरन वन पुलिन में, मंगल परम हुलास॥
- श्री अनन्य अली, श्री अनन्य अली जी की वाणी, श्री वृंदावन वास अवस्था (2.70)
श्री वृन्दावन धाम अद्वितीय है, उसकी तुलना भला किससे की जा सकती है? वहाँ निवास करना तथा उसके पावन यमुना-तट पर प्राण त्यागना परम मंगलमय और आनन्ददायक है।
परन मरन वन पुलिन में, मंगल परम हुलास॥
- श्री अनन्य अली, श्री अनन्य अली जी की वाणी, श्री वृंदावन वास अवस्था (2.70)
श्री वृन्दावन धाम अद्वितीय है, उसकी तुलना भला किससे की जा सकती है? वहाँ निवास करना तथा उसके पावन यमुना-तट पर प्राण त्यागना परम मंगलमय और आनन्ददायक है।

