चारुमुखी चंद्रानना, चतुरा चतुर सुजान।
चूडामणि सव तियन की, पिय प्रानन के प्रान॥
- श्री किशोरी अलि, राधा नामावलि (39)
श्री राधा का मुखमण्डल अत्यन्त सुन्दर तथा चन्द्रमा के समान मनोहर है। वे परम चतुर, विवेकशील और सुजान हैं। समस्त स्त्रियों में वे शिरोमणि हैं तथा अपने प्रियतम श्रीकृष्ण के प्राणों की भी प्राणस्वरूपा हैं।
चूडामणि सव तियन की, पिय प्रानन के प्रान॥
- श्री किशोरी अलि, राधा नामावलि (39)
श्री राधा का मुखमण्डल अत्यन्त सुन्दर तथा चन्द्रमा के समान मनोहर है। वे परम चतुर, विवेकशील और सुजान हैं। समस्त स्त्रियों में वे शिरोमणि हैं तथा अपने प्रियतम श्रीकृष्ण के प्राणों की भी प्राणस्वरूपा हैं।

