मनमोहन को ध्याइये तन-मन करिये प्रीत - श्री दयाबाई

मनमोहन को ध्याइये तन-मन करिये प्रीत - श्री दयाबाई

मनमोहन को ध्याइये, तन-मन करिये प्रीत।
हरि तज जे जग में पगे, देखौ बड़ी अनीत॥

- श्री दयाबाई

श्री मनमोहन (श्रीकृष्ण) का ध्यान करना चाहिए और तन-मन से उन्हीं के प्रति प्रेम रखना चाहिए। जो लोग श्रीहरि को छोड़कर संसार में ही केवल आसक्त रहते हैं, उनकी यह दशा अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है।