कुँवरि चाल सखि देखि कै - श्री हित ध्रुवदास, बयालीस लीला, रंग हुलास (43)

कुँवरि चाल सखि देखि कै - श्री हित ध्रुवदास, बयालीस लीला, रंग हुलास (43)

कुँवरि चाल सखि देखि कै, कुँवरहि भूली चाल।
रहि गये ठाढ़े चित्र से, चितवन नैंन बिसाल॥

- श्री हित ध्रुवदास, बयालीस लीला, रंग हुलास (43)

श्री राधा की परम मनोहर चाल को देखकर श्रीकृष्ण अपनी ही गति-मति भूल गए। श्री राधा जू के विशाल नेत्रों की रसभरी चितवन को निहारकर वे चित्र के समान खड़े के खड़े रह गये।