विहरति नित्य विलास सुख, श्री वृन्दावन कुंज।
मन हरनी जोरी महा, संग सहचरी पुंज॥
- श्री अली माधुरी जी, श्री निकुंज केलि माधुरी
मन को हरण करने वाली परम रसीली श्यामा-श्याम की यह युगल जोड़ी, अपनी सहचरियों के समूह के साथ, श्री वृन्दावन के कुंजों में नित्य विहार के परम रस का निरंतर आस्वादन करती रहती है।
मन हरनी जोरी महा, संग सहचरी पुंज॥
- श्री अली माधुरी जी, श्री निकुंज केलि माधुरी
मन को हरण करने वाली परम रसीली श्यामा-श्याम की यह युगल जोड़ी, अपनी सहचरियों के समूह के साथ, श्री वृन्दावन के कुंजों में नित्य विहार के परम रस का निरंतर आस्वादन करती रहती है।

