हरि कृपा जो होय तो, नाहीं होय तो नाहिं।
पै गुरु कृपा दया बिनु, सकल बुद्धि बहि जाहिं॥
- श्री सहजो बाई
यदि श्री हरि कृपा करें तो बहुत अच्छी बात है, और यदि वे न भी करें, तो भी कोई बात नहीं, परंतु यदि जीवन में गुरुदेव की कृपा एवं दया प्राप्त न हो, तो मनुष्य की बुद्धि सदा अंधकारमय ही बनी रहती है और वास्तविक विवेक कभी जागृत नहीं हो सकता।
पै गुरु कृपा दया बिनु, सकल बुद्धि बहि जाहिं॥
- श्री सहजो बाई
यदि श्री हरि कृपा करें तो बहुत अच्छी बात है, और यदि वे न भी करें, तो भी कोई बात नहीं, परंतु यदि जीवन में गुरुदेव की कृपा एवं दया प्राप्त न हो, तो मनुष्य की बुद्धि सदा अंधकारमय ही बनी रहती है और वास्तविक विवेक कभी जागृत नहीं हो सकता।

