धन्य धन्य श्री गिरिराज जु - गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (81)

धन्य धन्य श्री गिरिराज जु - गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (81)

धन्य धन्य श्री गिरिराज जु, हरिदासन में राय।
सानिध्य सेवा करत है, बल मोहन जिय भाय॥

- गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (81)

श्री गिरिराज जी धन्य हैं, धन्य हैं। वे भगवान श्रीहरि के समस्त भक्तों में श्रेष्ठ और अग्रणी हैं। वे निरन्तर श्रीकृष्ण के सान्निध्य में रहकर उनकी सेवा करते हैं, और इसीलिए वे बलभद्र और श्यामसुंदर के मन को अत्यंत प्रिय लगते हैं अथवा श्री गिरिराज जी मनमोहन के मन को मोहने का सामर्थ रखते हैं।