‘रा’ अक्षर को सुनत ही, मेरो मन ललचाये।
मन क्रम वचन प्राण धन, नम्र सखी बलि जाय॥
- श्री नम्र सखी
'रा' अक्षर को सुनते ही मेरा मन प्रेम-विह्वल होकर लालायित हो उठता है। नम्र सखी उस परम पावन "राधा" नाम पर अपना तन, मन, कर्म, वचन, प्राण तथा सर्वस्व न्यौछावर करती हूँ।
मन क्रम वचन प्राण धन, नम्र सखी बलि जाय॥
- श्री नम्र सखी
'रा' अक्षर को सुनते ही मेरा मन प्रेम-विह्वल होकर लालायित हो उठता है। नम्र सखी उस परम पावन "राधा" नाम पर अपना तन, मन, कर्म, वचन, प्राण तथा सर्वस्व न्यौछावर करती हूँ।

