'दया' नाव हरिनाम की, सतगुरु खेवनहार।
साधुजन के संग मिलि, तिरत न लागै बार॥
- श्री दयाबाई
दयाबाई कहती हैं कि हरिनाम भवसागर से पार उतारने वाली नौका है और सतगुरु उसके खेवनहार हैं। यदि संत का वास्तविक संग हो जाए, तो इस संसार-सागर को पार करने में तनिक भी विलम्ब नहीं होता।
साधुजन के संग मिलि, तिरत न लागै बार॥
- श्री दयाबाई
दयाबाई कहती हैं कि हरिनाम भवसागर से पार उतारने वाली नौका है और सतगुरु उसके खेवनहार हैं। यदि संत का वास्तविक संग हो जाए, तो इस संसार-सागर को पार करने में तनिक भी विलम्ब नहीं होता।

