भासा यस्याः कृष्णदेहोऽपि गौरो जायते देवस्येन्द्रनीलप्रभस्य।
भृंगाः काकाः कोकिलाश्चापि गौरास्तां राधिकां विश्वधात्रीं नमामः।
- अथर्ववेद, श्रीराधिका तापनीयोपनिषत् (04)
जिनकी आभा से इन्द्रनील-मणि के समान श्याम श्रीकृष्ण का शरीर भी गौर प्रतीत होने लगता है, और जिनके प्रभाव से भौंरे, कौए तथा कोयल भी गौरवर्ण से प्रतीत होते हैं, उस जगत् की धात्री श्रीराधिका को प्रणाम है।
भृंगाः काकाः कोकिलाश्चापि गौरास्तां राधिकां विश्वधात्रीं नमामः।
- अथर्ववेद, श्रीराधिका तापनीयोपनिषत् (04)
जिनकी आभा से इन्द्रनील-मणि के समान श्याम श्रीकृष्ण का शरीर भी गौर प्रतीत होने लगता है, और जिनके प्रभाव से भौंरे, कौए तथा कोयल भी गौरवर्ण से प्रतीत होते हैं, उस जगत् की धात्री श्रीराधिका को प्रणाम है।

