पतिवृता वृत जानिये, वट बंशीबट जान।
उपकारक गोपेश्वरहि, तिन सम नाहिन आन॥
- श्री चरणदास
भक्त को पतिव्रता स्त्री के समान अनन्य निष्ठा का व्रत धारण करना चाहिए, समस्त वट वृक्षों में श्री वंशीवट को ही प्रधान जानना चाहिए और गोपेश्वर महादेव को अपना परम उपकारी मानना चाहिए, क्योंकि उनके समान हितकारी दूसरा कोई नहीं है।
उपकारक गोपेश्वरहि, तिन सम नाहिन आन॥
- श्री चरणदास
भक्त को पतिव्रता स्त्री के समान अनन्य निष्ठा का व्रत धारण करना चाहिए, समस्त वट वृक्षों में श्री वंशीवट को ही प्रधान जानना चाहिए और गोपेश्वर महादेव को अपना परम उपकारी मानना चाहिए, क्योंकि उनके समान हितकारी दूसरा कोई नहीं है।

