‘नारायण’ नवखण्ड में, निरभय जिनको राज।
ऐसे विदित महीप जग, ग्रसे काल महाराज॥
- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (20)
श्री नारायण स्वामी जी कहते हैं कि नौ खण्डों में जिनका सर्वथा भयरहित होकर शासन था, ऐसे जगत्-प्रसिद्ध महान राजाओं को भी अंततः काल महाराज ने अपना ग्रास बना लिया। अतः जीव को कभी अहंकार नहीं करना चाहिए।
ऐसे विदित महीप जग, ग्रसे काल महाराज॥
- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (20)
श्री नारायण स्वामी जी कहते हैं कि नौ खण्डों में जिनका सर्वथा भयरहित होकर शासन था, ऐसे जगत्-प्रसिद्ध महान राजाओं को भी अंततः काल महाराज ने अपना ग्रास बना लिया। अतः जीव को कभी अहंकार नहीं करना चाहिए।

