कहा कहौं शोभा सुभग कहत - श्री रामसखीजी महाराज, श्री भक्तिरस मंजरी

कहा कहौं शोभा सुभग कहत - श्री रामसखीजी महाराज, श्री भक्तिरस मंजरी

कहा कहौं शोभा सुभग, कहत बनत नहि बात।
एकबयस छवि सों भरे, सुंदर कोमल गात॥

- श्री रामसखीजी महाराज, श्री भक्तिरस मंजरी

श्री युगल सरकार की उस परम सुंदर और मंगलमयी शोभा का मैं क्या वर्णन करूँ, उसके विषय में कुछ भी कहते नहीं बनता है। दोनों एक ही समान आयु अर्थात् किशोर अवस्था के हैं, जो अद्भुत सौंदर्य की कांति से परिपूर्ण हैं और उनके सुकोमल अंग अत्यंत मनभावन हैं।