वेद पुरान विरंचि सिव महिमा - कृपाराम

वेद पुरान विरंचि सिव महिमा - कृपाराम

वेद पुरान विरंचि सिव, महिमा कहत बिचारि।
ऐसे नंदकिसोर के, चरन कमल उरधारि॥

-  श्री कृपाराम

वेद, पुराण, ब्रह्मा और शिव भी जिन नंदकिशोर (श्रीकृष्ण) की महिमा का विचार करके निरंतर गान करते हैं, ऐसे उन परम प्रभु के चरण कमलों को सदा अपने हृदय में धारण करना चाहिए।