श्रीगुरु लाडिलि लालजी, पूरिय मेरी आस॥
हिय हुलास चित वास पद, करिये बुद्धि प्रकाश॥
- श्री संकेत अली, संकेत लता (6)
हे श्री गुरुदेव और श्री लाडिली-लालजी! आप मेरी इस अभिलाषा को पूर्ण कीजिए कि मेरे चित्त में सदैव आपके युगल चरणों का वास रहे जिससे मेरे हृदय में निरंतर आनंद का संचार होता रहे, और आप मेरी बुद्धि को अपने दिव्य प्रकाश से आलोकित कर दें।
हिय हुलास चित वास पद, करिये बुद्धि प्रकाश॥
- श्री संकेत अली, संकेत लता (6)
हे श्री गुरुदेव और श्री लाडिली-लालजी! आप मेरी इस अभिलाषा को पूर्ण कीजिए कि मेरे चित्त में सदैव आपके युगल चरणों का वास रहे जिससे मेरे हृदय में निरंतर आनंद का संचार होता रहे, और आप मेरी बुद्धि को अपने दिव्य प्रकाश से आलोकित कर दें।

