लेहु री निज नैनको फल, धन्य भाग मनाइये।
अब अजन्मा प्रियाजु कौ, जन्म मंगल गाइये॥
- ब्रज के दोहे
हे सखी! आज अपने नेत्रों का वास्तविक फल प्राप्त कर लो और अपने धन्य भाग्य की सराहना करो। जो स्वयं अजन्मा हैं, उन श्रीप्रियाजी के इस धरा पर प्राकट्य के परम मंगलकारी बधाई गीतों का गान करो।
अब अजन्मा प्रियाजु कौ, जन्म मंगल गाइये॥
- ब्रज के दोहे
हे सखी! आज अपने नेत्रों का वास्तविक फल प्राप्त कर लो और अपने धन्य भाग्य की सराहना करो। जो स्वयं अजन्मा हैं, उन श्रीप्रियाजी के इस धरा पर प्राकट्य के परम मंगलकारी बधाई गीतों का गान करो।

