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  1. सर्वोपर यह दिव्य वपु, श्री वृंदावन धाम - श्री अली माधुरी जी, श्री निकुंज केलि माधुरी, रासोत्सव लीला (24)

    यह दिव्य वपु धारण किए श्री वृंदावन धाम सर्वोपरि है जो श्री श्यामा श्याम का नित्य विहार स्थल एवं रसिक जनों का विश्राम स्थल है ।

  2. श्रीहित कमलनैंन जी की जीवनी

    गोस्वामी कमलनैंन जी श्री राधावल्लभ सम्प्रदाय के वाणीकारों में अन्यतम हैं। इनका जन्म श्रीहित कुल में 1635 की आषाढ़ कृष्णा पंचमी के दिन वृन्दावन में हुआ था।