संकर्षण कुंड, गोवर्धन
संकर्षण कुंड ब्रज में सबसे महत्वपूर्ण लीला स्थलों में से एक है। इस कुंड का नाम भगवान कृष्ण के बड़े भाई संकर्षण के नाम पर रखा गया है, जिन्हें बलदाऊ या दाऊजी के नाम से भी जाना जाता है।
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संकर्षण कुंड ब्रज में सबसे महत्वपूर्ण लीला स्थलों में से एक है। इस कुंड का नाम भगवान कृष्ण के बड़े भाई संकर्षण के नाम पर रखा गया है, जिन्हें बलदाऊ या दाऊजी के नाम से भी जाना जाता है।
श्री कृष्ण के धाम जाते ही कलि का कवल बनने लगी धरा। कलि के 260 वर्ष पश्चात् देवर्षि नारद जी ने जब भक्ति ज्ञान वैराग्य को जर्जर अवस्था में देखा तो उन्हें वेद ध्वनि, गीता पाठ सुनाया पर इससे भी ज्ञान-वैराग्य की अचेतावस्था को दूर न कर सके तो यहाँ बदरीवन में आये हैं।
भगवान शंकर कहते हैं कि मथुरा-मंडल में श्रीवृन्दावन, जो पाँच योजन में फैला हुआ है, सभी उत्तम तीर्थों से भी उत्तम है ।