राग गुजरी

राग गुजरी देर सुबह में गाया जाने वाला राग है जो ह्रदय की गहराइयों तक पहुँचने वाला राग है । इसकी राग में गाये जाने वाले पद ह्रदय की छल कपट को दूर करते हैं । यह नाम गुजरात में गुर्जर जनजाति से इसके संबंध की ओर संकेत करता है।

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  1. बसों मेरे नैनन में यह जोरी - श्री सूरदास

    श्री सूरदास जी कहते हैं कि यह नित्य जोड़ी (श्री राधा कृष्ण ) सदैव मेरे आँखों में बसें रहें । सुन्दर श्री कृष्ण के सुन्दर नयन कमल हैं, और संग में वृषभानु किशोरी श्री राधा हैं ।