आवौ री यह शोभा - श्री नारायण स्वामी, ब्रज विहार, वन झूलन लीला (14)
सखी सखी से कहती है कि आओ हम श्री राधा कृष्ण की इस अद्भुत शोभा को निहारें जब वह गलबहियाँ डालें झूला झूल रहे हैं।
राग हिंडोल कल्याण थाट से सम्बंधित माना गया है । गायन का समय प्रातःकाल है । यह राग हिंडोर उत्सव में गाया जाता है ।
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सखी सखी से कहती है कि आओ हम श्री राधा कृष्ण की इस अद्भुत शोभा को निहारें जब वह गलबहियाँ डालें झूला झूल रहे हैं।