एक बार जिनि नाम लिये - श्री हित ध्रुवदास, बयालीस लीला, भक्त नामावली (112)
जो एक बार भी दीन होकर प्रेम से श्री हरि का नाम ले लेता है, दयालु हरि उसे कभी नहीं छोड़ते; सदा उसे अपना बना लेते हैं।
भक्त नामावली श्री हित ध्रुवदास द्वारा रचित बयालीस लीला का छठा अध्याय है। भक्त नामावली विभिन्न संतों के नाम और उनकी महिमा की सूची संकलित करता है।
1 लेख उपलब्ध हैं
जो एक बार भी दीन होकर प्रेम से श्री हरि का नाम ले लेता है, दयालु हरि उसे कभी नहीं छोड़ते; सदा उसे अपना बना लेते हैं।