मेरी बरसाने वारी प्यारी प्यारी प्यारी - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, ब्रज रस माधुरी 2 (43)
मेरी बरसानेवारी श्री राधारानी अत्यंत प्यारी हैं, जो वृषभानु दुलारी हैं, ब्रज रस प्रदान करने वाली हैं।
ब्रज रस माधुरी जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज की काव्य रचना है जो ब्रज रस की माधुरी को प्रकट करती है । रचना में विभिन्न दोहे हैं। इसे तीन भागों में बांटा गया है। लेखक: जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज
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मेरी बरसानेवारी श्री राधारानी अत्यंत प्यारी हैं, जो वृषभानु दुलारी हैं, ब्रज रस प्रदान करने वाली हैं।