ब्रज रस माधुरी भाग 2 [श्री कृपालुजी]

ब्रज रस माधुरी जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज की काव्य रचना है जो ब्रज रस की माधुरी को प्रकट करती है । रचना में विभिन्न दोहे हैं। इसे तीन भागों में बांटा गया है। लेखक: जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज

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