भज इत्येष वै धातु - गरुड़ पुराण, भक्ति संदर्भ
भक्ति का अर्थ क्या है? भक्ति ‘भज' धातु से है, जिसका अर्थ होता है सेवा । इसलिए कोई भी सेवा जो भगवत् संतोष के लिए की जाती है, जिससे स्वामी को सुख मिलता है उसे ही भक्ति कहते हैं ।
गरूड़ पुराण वैष्णव सम्प्रदाय से सम्बन्धित है और सनातन धर्म में मृत्यु के बाद सद्गति प्रदान करने वाला माना जाता है। इसलिये सनातन हिन्दू धर्म में मृत्यु के बाद गरुड़ पुराण के श्रवण का प्रावधान है। इस पुराण के अधिष्ठातृ देव भगवान विष्णु हैं।
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भक्ति का अर्थ क्या है? भक्ति ‘भज' धातु से है, जिसका अर्थ होता है सेवा । इसलिए कोई भी सेवा जो भगवत् संतोष के लिए की जाती है, जिससे स्वामी को सुख मिलता है उसे ही भक्ति कहते हैं ।