साँवरे देखे बिन परत न - श्री नारायण स्वामी, ब्रज विहार, श्री लालजी की उत्थापन लीला (13)
हे सखी! साँवरे (श्रीकृष्ण) के दर्शन किए बिना मुझे तनिक भी चैन नहीं पड़ता। प्रत्येक क्षण मेरा मन व्याकुल रहता है, क्योंकि मेरे नेत्र उनके अनुपम रूप के दर्शन के लिए निरन्तर प्यासे हैं।
