अनोखी, वीणा वारी नारि - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, प्रेम रस मदिरा, लीला-माधुरी (1)
श्यामसुन्दर वीणा वाली नारी का भेष बनाये हुए हैं । जिनके सोलहों श्रृंगार के माधुर्य को देखकर अनन्त कामदेव की स्त्रियाँ बलिहार जाती हैं। वह अनोखी वीणा वाली नारी ठोढ़ी पर हाथ रखे हुए कुसुम सरोवर पर बैठी हैं।
