श्यामा जी तेरे चरनन की बलिहारी - श्री अली माधुरी जी, श्री निकुञ्ज केली माधुरी, प्रातः स्मरामि (9)
हे श्यामा जू [श्री राधा], आपके चरणों पर मैं बलिहारी जाता हूँ । आपके सुंदर चरण शीतलता को प्रदान करते हैं, एवं कमल के फूल से भी अधिक कोमल है जिनकी छवि अति ही न्यारी एवं मनमोहक है ।
