रसिक दोऊ मंडल रास रचावैं - श्री किशोरी अलि जी
दो रसिक जन रास मंडल में रास रचा रहे हैं । चारों ओर सखी जन झूम रही हैं और वीणा एवं मृदंग बजा रही हैं ।
रास के पद वंशी अली के शिष्य श्री किशोरी अली द्वारा लिखा गया है।
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दो रसिक जन रास मंडल में रास रचा रहे हैं । चारों ओर सखी जन झूम रही हैं और वीणा एवं मृदंग बजा रही हैं ।