प्यारी सहजहिं मृदु मुसिक्याइ - श्री रसिक सखी
श्री प्रिया जी ने अपनी सहज मृदु मुस्कान से ही मोहनलाल को बस में कर लिया है । अनुराग में भर जब वे उन्हें सुख देने के लिए ढुरकती हैं तो प्रेम-विवश लाल उन्हें अंकों में भर लेते हैं ।
श्री रसिक सखी, वृंदावन के हरिदासी सम्प्रदाय के रसिक भक्त हैं।
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श्री प्रिया जी ने अपनी सहज मृदु मुस्कान से ही मोहनलाल को बस में कर लिया है । अनुराग में भर जब वे उन्हें सुख देने के लिए ढुरकती हैं तो प्रेम-विवश लाल उन्हें अंकों में भर लेते हैं ।